कुछ नशा तेरी बात का है
कुछ नशा धीमी बरसात का है
हम तो कब से नशे में डूब जाने को तयार है
इन्तेजार तो सिर्फ आपके आने का है
मुलाकात मौत की मेहमान बन गई है
नज़र की दुनिया वीरान बन गयी है
मेर साँस भी अब मेरी नहीं रही
ये ज़िन्दगी आपकी मोहब्बत पर कुर्बान हो गई है
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment