जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख, जुस्तजू क्या है?
Wednesday, November 18, 2009
Tuesday, November 10, 2009
आसमा के तारे
आसमा के तारे अक्सर पूछते है हमसे
क्या तुम्हे आज भी इन्तेज़ार है उसके लौट आने का
मेरा दिल मुस्कुरा के कहते है
मुझे तो अब तक यकीन ना हुआ उसके चले जाने का
क्या तुम्हे आज भी इन्तेज़ार है उसके लौट आने का
मेरा दिल मुस्कुरा के कहते है
मुझे तो अब तक यकीन ना हुआ उसके चले जाने का
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